कभी दादी कभी नानी से अलग कर दिए गए…

कभी दादी कभी नानी से अलग कर दिए गए
बच्चे परियों की कहानी से अलग कर दिए गए,

कच्ची उम्रो में हमें काम पर लगा दिया गया
हम वो बच्चे जो जवानी से अलग कर दिए गए,

जंग लड़ने के लिए सीन में लाये गए हम
अमन होते ही कहानी से अलग कर दिए गए,

हम वो अल्फाज़ जिन्हें ठीक से समझा न गया
जब भी लिखे गए मानी से अलग कर दिए गए,

पहले दुनियाँ ने सिखाया हमें तैराकी का फन
तैरना आया तो पानी से अलग कर दिए गए,

चिड़िया घर ने किया जंगल को नगर में आबाद
जानवर पानी के पानी से अलग कर दिए गए,

टूटे चश्मों से ख़रीदे गए टूटा चश्मी
आँख वाले निगेहबानी से अलग कर दिए गए..!!

~शकील आज़मी


Discover more from Bazm e Shayari :: बज़्म ए शायरी -Hindi / Urdu Poetry, Ghazals, Shayari

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply