ऐ दिल ये तेरी ज़िद्द मुझे नादानी लगती है…

ऐ दिल ये तेरी ज़िद्द मुझे नादानी लगती है
उसे पाने की उम्मीद अब बेमानी लगती है,

क्यों खोया तू उसके ख़्वाबो ख्यालो में ?
मुझे तो वो किसी और की दीवानी लगती है,

माना देखा था कभी उसने यूँ तुझे प्यार से
वो नादां सी लड़की अब सायानी लगती है,

किसी को दिल में बसा लेना बड़ी बात नहीं
पर यादो को भुलाने में सारी जवानी लगती है,

कभी मैं भी पागल था किसी के प्यार में
अब वो गुज़रे वक़्त की एक नादानी लगती है..!!


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