मर चुका हूँ कई बार फिर भी कई बार मरना है
मरने से पहले ज़िन्दगी को रग रग में भरना है,
अज़ब शर्त है समन्दर की कहता है किनारे पर
पहुँचना है तो ज़ेर ए समन्दर कश्ती से उतरना है,
ताउम्र गया रोज़ उनकी गली में मैं क़यामत है
उनकी गली से अभी भी कई दफ़ा गुज़रना है,
जहाँ हर रोज़ मैं जाता रहा हूँ यारो वहाँ भी
पहुँचने के लिए अभी न जाने क्या क्या करना है,
जिनको तालीम दी मैंने, तहज़ीब दे कर सुधारा
वही कह रहे है तुम्हे अभी बहुत कुछ सुधरना है..!!
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