चेहरा देखें तेरे होंठ और पलकें देखें

चेहरा देखें तेरे होंठ और पलकें देखें
दिल पे आँखें रखे तेरी साँसें देखें,

सुर्ख़ लबों से सब्ज़ दुआएँ फूटी हैं
पीले फूलों तुम को नीली आँखें देखें,

साल होने को आया है वो कब लौटेगा
आओ खेत की सैर को निकलें कूजें देखें,

थोड़ी देर में जंगल हम को आक़ करेगा
बरगद देखें या बरगद की शाख़ें देखें,

मेरे मालिक आप तो सब कुछ कर सकते हैं
साथ चलें हम और दुनिया की आँखें देखें,

हम तेरे होंठों की लर्ज़िश कब भूले हैं
पानी में पत्थर फेंकें और लहरें देखें..!!

~तहज़ीब हाफ़ी

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