जला के मिशअल ए जाँ हम जुनूँ सिफ़ात चले

जला के मिशअल ए

जला के मिशअल ए जाँ हम जुनूँ सिफ़ात चले जो घर को आग लगाए हमारे साथ चले, दयार

यारो किसी क़ातिल से कभी प्यार न माँगो

यारो किसी क़ातिल से

यारो किसी क़ातिल से कभी प्यार न माँगो अपने ही गले के लिए तलवार न माँगो, गिर जाओगे

ये दौर ए ख़िरद है दौर ए जुनूँ

ये दौर ए ख़िरद

ये दौर ए ख़िरद है दौर ए जुनूँ इस दौर में जीना मुश्किल है अँगूर की मय के

कभी ख़ुद कभी औरो को हटाते रहिए

कभी ख़ुद कभी औरो

कभी ख़ुद कभी औरो को हटाते रहिए बस यूँ ही रास्तो को सहल बनाते रहिए, कही उठ जाइए

किताब सादा रहेगी कब तक ?

किताब सादा रहेगी कब

किताब सादा रहेगी कब तक ? कभी तो आगाज़ ए बाब होगा, जिन्होंने बस्तियाँ उजाड़ी है कभी तो

वो इश्क़ जो हम से रूठ गया…

वो इश्क़ जो हम

वो इश्क़ जो हम से रूठ गया अब उस का हाल बताएँ क्या ? कोई मेहर नहीं कोई

एक हम दोनों को ये हालात नहीं कर सकते

एक हम दोनों को

एक हम दोनों को ये हालात नहीं कर सकते ख़ुद को वग्फ़ ए मुज़ाफ़ात नहीं कर सकते, तेरे

लहू ने क्या तेरे ख़ंजर को दिलकशी दी है

लहू ने क्या तेरे

लहू ने क्या तेरे ख़ंजर को दिलकशी दी है कि हम ने ज़ख़्म भी खाए हैं दाद भी

ये जो ज़िंदगी की किताब है

ये जो ज़िंदगी की

ये जो ज़िंदगी की किताब है ये किताब भी क्या किताब है, कहीं एक हसीन सा ख़्वाब है

कहीं दिरहम कहीं डॉलर कहीं दीनार का झगड़ा

कहीं दिरहम कहीं डॉलर

कहीं दिरहम कहीं डॉलर कहीं दीनार का झगड़ा कहीं दिरहम कहीं डॉलर कहीं दीनार का झगड़ा कहीं लहँगा