तरसती आँखे, उदास चेहरा, नहीफ़ लहज़ा, बगैर तेरे…

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तरसती आँखे, उदास चेहरा, नहीफ़ लहज़ा, बगैर तेरेबिखरी ज़ुल्फे, लिबास उजड़ा, वज़ूद ख़स्ता, बगैर तेरे, अमीक़ जंगल, घप

मेरे जैसा बन जाओगे, जब इश्क़ तुम्हे हो जाएगा…

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मेरे जैसा बन जाओगे, जब इश्क़ तुम्हे हो जाएगादीवारों से टकराओगे, जब इश्क़ तुम्हे हो जाएगा, हर बात

दर्द का शहर बसाते हुए रो पड़ता हूँ…

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दर्द का शहर बसाते हुए रो पड़ता हूँरोज़ घर लौट के आते हुए रो पड़ता हूँ जाने क्या

बहुत सलीक़े से चीख ओ पुकार करते रहे…

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बहुत सलीक़े से चीख ओ पुकार करते रहेहम अपने दर्द के मरकज़ पे वार करते रहे ज्यादा उम्र

तुझसे मंसूब रहूँ तेरी कही जाऊँ पिया…

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तुझसे मंसूब रहूँ तेरी कही जाऊँ पियातेरी निस्बत से लिखी और पढ़ी जाऊँ पिया झूमती फिरती हवाओ की

दर्द से यादो से अश्को से शनासाई है…

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दर्द से यादो से अश्को से शनासाई हैकितना आबाद मेरा गोशा ए तन्हाई है, ख़ार तो ख़ार है

हवा ए शाम ! ज़रा सा क़याम होगा न ?

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हवा ए शाम ! ज़रा सा क़याम होगा न ?चिराग़ ए जाँ को जलाओ, क़लाम होगा न ?

अब तेरी याद से वहशत नहीं होती मुझ को…

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अब तेरी याद से वहशत नहीं होती मुझ कोज़ख़्म खुलते हैं अज़िय्यत नहीं होती मुझ को, अब कोई

जाते जाते वो हमको रुला कर चला गया…

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जाते जाते वो हमको रुला कर चला गयागम की आँधी से सामना कर कर चला गया, वो हमेशा

कोई सिपाही नहीं बच सका निशानों से…

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कोई सिपाही नहीं बच सका निशानों सेगली में तीर बरसते रहे मकानों से, ये बर्बादी अचानक से थोड़ी