नीलोफ़र, शबनम नहीं, अँगार की बातें करो
वक़्त के बदले हुए मेयार की बातें करो,
भाप बन सकती नहीं पानी अगर हो नीम गर्म
क्रांति लाने के लिए हथियार की बातें करो,
आसमानी बाप से जब प्यार कर सकते नहीं
इस ज़मीं के ही किसी किरदार की बातें करो,
तर्क कर तन्क़ीद के जज़्बे को मर जाती है क़ौम
ज़ुर्म है ठहराव अब रफ़्तार की बातें करो..!!
~अदम गोंडवी
भुखमरी की ज़द में है या दार के साये में है
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