दर्द अब वो नहीं रहें जो ऐ दिल ए नादां पहले था

दर्द अब वो नहीं रहें जो ऐ दिल ए नादां पहले था
खुले सर पर मेरे भी कभी कोई सायेबान पहले था,

तुम्हारे गुमशुदा जो ख़्वाब है मैं सब ढूँढ लाऊँगा
मगर क्या इनआम वही है, जो ऐलान पहले था ?

सफ़ेदी आ गई है बालो में न वो है बात पहले सी
न अब जज़्बात में उठता है जो तूफ़ान पहले था,

पढ़े लिखो ने आ कर गाँव का हुलिया बदल डाला
वहां पर घर बन गए पक्के, जहाँ मैंदान पहले था,

तबीयत अब जा कर कहीं संभली है मुश्किल से
तौबा मेरा हाल वो जो इश्क़ के दौरान पहले था,

इश्क़ नाम है अब जिस्म की तस्कीन का हमदम
वरना मुहब्बत पाक़ है इसपे मेरा ईमान पहले था,

न जाने क्या हुआ कि मैंने तेरी तस्वीरें जला डाली
जला उसको भी डाला जो मेरा दीवान पहले था,

वो जो नज़रें झुकाएँ एक हसीं नाज़नीं थी गुज़री
वो मेरी जान पहले थी, मैं उसकी जान पहले था,

हमारा साथ छोड़ा, अब मुकाफ़ात ए अमल देखो
जहाँ पर आज तुम हो मोअतबर मेरा नाम पहले था,

ज़माने की हवा ने कर दिया होशियार अब मुझको
वरना तो मैं मो’अतबर सीधा सा इंसान पहले था..!!


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