इश्क़ से दिल को ऊबा देखा

इश्क़ से दिल को ऊबा देखा
जिस्म का जब से सौदा देखा,

भूका हम ने राजा देखा
सागर को भी प्यासा देखा,

दुनिया देखी कब बच्चों ने
सी सी प्लस प्लस जावा देखा,

उम्मीदें माँ बाप की देखीं
बच्चों का जब बस्ता देखा,

शाही पथ का लालच मत कर
सच्चा रस्ता कच्चा देखा,

बदल के देखा हम ने फिर भी
राजा लेकिन बहरा देखा,

तू प्यारा है क्यूँ कि मैं ने
तुझ में अपना साया देखा,

बात अगर चुभ जाए आतिश
वार उस का फिर गहरा देखा..!!

~आतिश इंदौरी

शजर जिस पे मैं रहता हूँ उसे काटा नहीं करता

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