दोस्ती को आम करना चाहता है…
दोस्ती को आम करना चाहता है ख़ुद को नीलाम करना चाहता है, बेंच आया है घटा के हाथ
Life Status
दोस्ती को आम करना चाहता है ख़ुद को नीलाम करना चाहता है, बेंच आया है घटा के हाथ
हम एक ख़ुदा के बन्दे है और एक जहाँ में बसते है, रब भी जब चाहे हम साथ
आज के माहौल में इंसानियत बदनाम है ये इनाद ए बाहमी का ही फ़क़त अंजाम है, हक़ शनासी
ज़िंदगी ये तो नहीं तुझ को सँवारा ही न हो कुछ न कुछ हम ने तेरा क़र्ज़ उतारा
बूढ़ा टपरा, टूटा छप्पर और उस पर बरसातें सच उसने कैसे काटी होंगी, लंबी लंबी रातें सच, लफ़्जों
ले गया दिल में दबा कर राज़ कोई पानियों पे लिख गया आवाज़ कोई, बाँध कर मेरे परो
हिज़रतो का ज़माना भी क्या ज़माना है उन्ही से दूर है जिनके लिए कमाना है, ख़ुशी ये है
समझ रहे थे कि अपनी सुधर गई दुनियाँ हमें तो मुफ़्त में बदनाम कर गई दुनियाँ, मुतालबों से
सभी कहें मेरे गम ख़्वार के अलावा भी कोई तो बात करो यार के अलावा भी, बहुत से
हर मुलाक़ात में लगते हैं वो बेगाने से फ़ाएदा क्या है भला ऐसों के याराने से, कुछ जो