बाँध ले हाथ पे सीने पे सजा ले तुमको…

बाँध ले हाथ पे

बाँध ले हाथ पे सीने पे सजा ले तुमकोजी में आता है कि ताबीज़ बना ले तुमको, फिर

तुम मेरी ख्वाहिश नहीं हो….

Bazmeshayari_512X512

तुम मेरी ख्वाहिश नहीं होख्वाहिश पूरी हो जाए तो तलब नहीं रहती, तुम मेरी आदत भी नहीं होआदत

संभाला होश है जबसे मुक़द्दर सख्त तर निकला…

Bazmeshayari_512X512

संभाला होश है जबसेमुक़द्दर सख्त तर निकलाबड़ा है वास्ता जिससेवही ज़ेर ओ ज़बर निकला, सबक़ देता रहा मुझकोसदा

तुम्हे बहार की कलियाँ जवाँ पुकारती है…

Bazmeshayari_512X512

तुम्हे बहार की कलियाँ जवाँ पुकारती हैकहती मरहबा ! सब तितलियाँ पुकारती है, न बोसा प्यार का अंबर

होश में रह के बे हवास फिर रहे है आज….

Bazmeshayari_512X512

होश में रह के बे हवास फिर रहे है आजतेरे नगर में हम उदास फिर रहे है आज,

कहे दुनियाँ उसे ऐसे ही बेकार न आये…

Bazmeshayari_512X512

कहे दुनियाँ उसे ऐसे ही बेकार न आयेक़िस्मत का मेरी बन के ख़रीदार न आये, इस बार मुलाक़ात

कर के सारी हदों को पार चला….

Bazmeshayari_512X512

कर के सारी हदों को पार चलाआज फिर से मैं कु ए यार चला, उसने वायदा किया था

पलकों को तेरी शर्म से झुकता हुआ मैं देखूँ…

Bazmeshayari_512X512

पलकों को तेरी शर्म से झुकता हुआ मैं देखूँधड़कन को अपने दिल की रुकता हुआ मैं देखूँ, पीने

रुख से नक़ाब उनके जो हटती चली गई…

रुख से नक़ाब उनके

रुख से नक़ाब उनके जो हटती चली गईचादर सी एक नूर की बिछती चली गई, आये वो मेरे

हर नाला तिरे दर्द से अब और ही कुछ है….

Bazmeshayari_512X512

हर नाला तिरे दर्द से अब और ही कुछ हैहर नग़्मा सर-ए-बज़्म-ए-तरब और ही कुछ है, अरबाब-ए-वफ़ा जान