ऐ निगाह ए दोस्त ये क्या हो गया, क्या कर दिया…

Bazmeshayari_512X512

ऐ निगाह ए दोस्त ये क्या हो गया क्या कर दिया पहले पहले रौशनी दी फिर अँधेरा कर

सुरखाब क्या ख़रीदे असबाब क्या ख़रीदे …

Bazmeshayari_512X512

सुरखाब क्या ख़रीदे असबाब क्या ख़रीदे फ़ितरत फ़कीर जिसकी अलक़ाब क्या ख़रीदे, ले जा इन्हें उठा कर सौदा

मैं हूँ मेरी चश्म-ए-तर है रात है तन्हाई है…

मैं हूँ मेरी चश्म-ए-तर

मैं हूँ मेरी चश्म-ए-तर है रात है तन्हाई है दर्द मेरा हम-सफ़र है रात है तन्हाई है, जुगनुओं

रवैये मार देते है ये लहज़े मार देते है…

रवैये मार देते है

रवैये मार देते है ये लहज़े मार देते है वही जो जान से प्यारे हैं रिश्ते मार देते

कहते हैं ईद है आज अपनी भी ईद होती…

कहते हैं ईद है आज

कहते हैं ईद है आज अपनी भी ईद होती हम को अगर मयस्सर जानाँ की दीद होती, क़ीमत

आये जो वो तो दिल के सब अरमान मचल गए…

आये जो वो तो

आये जो वो तो दिल के सब अरमान मचल गएबुझते हुए चिराग़ ए वफ़ा फिर से जल गए,

राज़ कहाँ तक राज़ रहेगा मंज़र-ए-आम पे आएगा

Bazmeshayari_512X512

राज़ कहाँ तक राज़ रहेगा मंज़र-ए-आम पे आएगाजी का दाग़ उजागर हो कर सूरज को शरमाएगा, शहरों को

पीत करना तो हम से निभाना सजन…

Bazmeshayari_512X512

पीत करना तो हम से निभाना सजनहम ने पहले ही दिन था कहा ना सजन, तुम ही मजबूर

हिलाल-ए-शाम से बढ़ कर माह-ए-तमाम हुए..

हिलाल-ए-शाम से

लोग हिलाल-ए-शाम से बढ़ कर पल में माह-ए-तमाम हुएहम हर बुर्ज में घटते घटते सुब्ह तलक गुमनाम हुए,

कुछ कहने का वक़्त नहीं कुछ न कहो ख़ामोश रहो…

Bazmeshayari_512X512

कुछ कहने का वक़्त नहीं ये कुछ न कहो ख़ामोश रहोऐ लोगो ख़ामोश रहो हाँ ऐ लोगो ख़ामोश