बताओ कौन कहता है ? मुहब्बत बस कहानी है

बताओ कौन कहता है ? मुहब्बत बस कहानी है
मुहब्बत तो सहीफ़ा है, मुहब्बत आसमानी है,

मुहब्बत को ख़ुदारा तुम कभी भी झूठ न समझो
मुहब्बत मो’जिज़ा है, मो’जज़ों की तर्जुमानी है,

मुहब्बत फूल की ख़ुशबू, मुहब्बत तितलियों का रंग
मुहब्बत परबतों की झील का शफ़्फ़ाक पानी है,

ज़मीं वाले बताओ किस तरह समझे मुहब्बत को ?
मुहब्बत तो ज़मीं पर आसमानों की निशानी है,

मुहब्बत रौशनी है, रंग है, ख़ुशबू है, नग्मा है
मुहब्बत उड़ता पंछी है, मुहब्बत बहता पानी है,

मुहब्बत माओं का आँचल, मुहब्बत बाप की शफ़क़त
मुहब्बत हर जगह हर पल, ख़ुदा का नक्श सानी है,

मुहब्बत बहन की उल्फ़त, मुहब्बत भाई की चाहत
मुहब्बत खेलता बच्चा है, और चढ़ती जवानी है,

मुहब्बत हक़ का कलमा है, मुहब्बत चाशनी मन की
मुहब्बत रूह का मरहम, दिलों की हुक्मरानी है,

मुहब्बत तो अज़ल से है, मुहब्बत ता अब्द होगी
मुहब्बत तो आफ़ाकी है, ज़मानी न मकानी है,

फना हो जाएगी दुनियाँ, फ़ना हो जाएँगे हम तुम
फक़त बाक़ी मुहब्बत है, मुहब्बत जावेदानी है..!!


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