अगर चाहते हो तुम सदा मुस्कुराना
कभी अपनी माँ का दिल न दुखाना,
करो अपनी माँ की हमेशा गुलामी
फिर नौकर बनेगा तुम्हारा ज़माना,
गुस्सा न करना कभी अपनी माँ से
हमेशा मुहब्बत से तुम उनको बुलाना,
ख़ुशी से अपनी माँ की हर एक बात मानो
यक़ीनन ज़न्नत में बनेगा तुम्हारा ठिकाना,
चलेगी आसमानों पर तारीफ़ तुम्हारी
कभी अपना गुस्सा न माँ को दिखाना..!!
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हकीक़त में नहीं कुछ भी दिखा है…

ऐ नए साल बता तुझ में नयापन क्या है

जागने वालो ता ब सहर ख़ामोश रहो

शाम अपनी बेमज़ा जाती है रोज़…

जब से तू ने मुझे दीवाना बना रखा है

बता ऐ अब्र मुसावात क्यूँ नहीं करता

कुछ कहने का वक़्त नहीं कुछ न कहो ख़ामोश रहो…

वक़्त बंजारा सिफ़त लम्हा ब लम्हा अपना

बुलंद दर्ज़ा है दुनियाँ में माँ बाप का

चिड़ियाँ होती है बेटियाँ….


















