ये इश्क़ पे सब दुनियाँ वाले बेकार की बातें करते है…

ये इश्क़ पे सब दुनियाँ वाले बेकार की बातें करते है
पायल के ग़मों का इल्म नहीं झंकार की बातें करते है,

हर दिल में छुपा है तीर कोई हर पाँव में है जंज़ीर कोई
पूछे कोई उनसे गम के मज़े जो प्यार की बातें करते है,

उल्फ़त के नये दीवानों को किस तरह से कोई समझाए
नज़रों पे जिनके लगी है पाबंदी दीदार की बातें करते है,

भँवरे है अगर मदहोश तो क्या परवाने भी है ख़ामोश तो क्या ?
फिर भी प्यार के नग्मे गाते है सब यार की बातें करते है..!!


Discover more from Bazm e Shayari :: बज़्म ए शायरी -Hindi / Urdu Poetry, Ghazals, Shayari

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply