चिड़ियाँ होती है बेटियाँ
मगर पंख नहीं होते बेटियों के,
मायके भी होते है,ससराल भी होते है
मगर घर नहीं होते बेटियों के,
मायका कहता बेटियाँ पराई है
ससराल कहता है पराये घर से आई है,
ऐ ख़ुदा अब तू ही बता……
आख़िर ये बेटियाँ किस घर के लिए बनाई …!!
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