जो रहता है दिल के क़रीब
अक्सर वही दूर हुआ करता है,
जो नहीं हो मयस्सर हमको
वही मतलूब हुआ करता है,
जिसे पाना मुहाल हो ये दिल
उसे ही पाने की दुआ करता है..!!
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अब कहाँ दोस्त मिलें साथ निभाने वाले

अपनी ख़बर, न उस का पता है, ये इश्क़ है

काश ! तुम मेरी होती तो क्या गज़ब ज़िन्दगी होती

क्या कहते क्या जी में था

दोस्तों ! आज दिल में छुपे कुछ राज़ बयाँ करता हूँ…

अब इस मकाँ में नया कोई दर नहीं करना…

जीवन को दुख दुख को आग और आग को पानी कहते…

सुनाता है कोई भोली कहानी

मेरे ही लहू पर गुज़र औक़ात करो हो

उसकी ख़ातिर रोना हँसना अच्छा लगता है

















