मुझ से फिर मेरी कार तू माँगे
एक या दो हज़ार तू माँगे,
इस से पहले उधार तू माँगे
मैं तेरा शहर छोड़ जाऊँगा,
गीत फिल्मों के गुनगुनाने में
रोड पर लड़कियाँ पटाने में,
इस से पहले पिटूँ मैं थाने में
मैं तेरा शहर छोड़ जाऊँगा,
बन न जाए ख़बर बड़ी कोई
इस से पहले कि फुलझड़ी कोई,
फूँक दे दिल की झोंपड़ी कोई
मैं तेरा शहर छोड़ जाऊँगा,
मेरी ख़ातिर ख़रीद ले डंडे
इस से पहले किराए के गुंडे,
तोड़ दें दाँत मेरे मुस्टंडे
मैं तेरा शहर छोड़ जाऊँगा..!!
~अहमद अल्वी