जो मिला उससे गुज़ारा न हुआ… 04/08/2022 by Bazme Shayari जो मिला उससे गुज़ारा न हुआजो हमारा था, वो हमारा न हुआ, हम किसी और से मंसूब हुएक्या ये नुक़सान तुम्हारा न हुआ, बे तक़ल्लुफ़ भी वो हो सकते थेमगर हमसे कोई इशारा न हुआ, दोनों ही एक दूसरे पर मरते रहेकोई भी अल्लाह को प्यारा न हुआ..!!Share Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Click to share on Telegram (Opens in new window) Telegram Click to share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading...संबंधित अश'आर | गज़लें इब्तिदा ए इश्क़ में मेरा यूँ हुआ दिल ख़राब आधा… जो वफ़ा का रिवाज रखते हैं… खींच कर रात की दीवार पे मारे होते साथ चलते आ रहे हैं पास आ सकते नहीं नींद ना आये फूलो पे, काँटो पे सोना पड़ता है…Read Alsoएक हकीकी ख़्वाब हुआ तेरा साथ सराब हुआ…कर के सारी हदों को पार चला….हिज़ाब तेरे चेहरे पर मैं सजा दूँ…