वो जानता ही नहीं है कि मुफ़्लिसी क्या है ?

वो जानता ही नहीं है कि मुफ़्लिसी क्या है ?
गुज़र रही है जो मुश्किल से ज़िन्दगी क्या है ?

ना मिले रोटियाँ कभी उसे जो कि हो भूखा
वही ग़रीब बता सकता है कि बेकसी क्या है ?

कभी किसी मुफ़लिस जो मिलो तो पूछना
नये अमीरों को क्या मालूम सादगी क्या है ?

माँ के होते हुए हाथ न उठे थे कभी दुआ को
उनसे पूछना बाद माँ के बँदगी क्या है.??

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