मैं जो महका तो मेरी शाख़ जला दी उसने…

sabz mausam me zard hawa dee usne

मैं जो महका तो मेरी शाख़ जला दी उसने सब्ज़ मौसम में मुझे ज़र्द हवा दी उसने, पहले

नग्मो से भरे दरिया थे रवां गीतों से भरी हरियाली थी…

geeto se bhari hariyali thi

इस देस का रंग अनोखा था इस देस की बात निराली थी नग्मो से भरे दरिया थे रवां

एक वा’दा है किसी का जो वफ़ा होता नहीं…

ulat de unke chehre se naqab

एक वा’दा है किसी का जो वफ़ा होता नहीं वर्ना इन तारों भरी रातों में क्या होता नहीं,

मेरे नग़्मात को अंदाज़ ए नवा याद नहीं…

hai dua yaad magar hraf e dua

है दुआ याद मगर हर्फ़ ए दुआ याद नहीं मेरे नग़्मात को अंदाज़ ए नवा याद नहीं, मैं

चराग़ ए तूर जलाओ बड़ा अँधेरा है…

wo mere haal pe roya bhi muskuraya bhi

चराग़ ए तूर जलाओ बड़ा अँधेरा है ज़रा नक़ाब उठाओ बड़ा अँधेरा है, अभी तो सुब्ह के माथे

भूली हुई सदा हूँ मुझे याद कीजिए…

bhuli hui sada hoo mujhe

भूली हुई सदा हूँ मुझे याद कीजिए तुम से कहीं मिला हूँ मुझे याद कीजिए, मंज़िल नहीं हूँ

ग़म के मुजरिम ख़ुशी के मुजरिम हैं…

gam ke muzrim khushi ke

ग़म के मुजरिम ख़ुशी के मुजरिम हैं लोग अब ज़िंदगी के मुजरिम हैं, और कोई गुनाह याद नहीं

सोहनी धरती के रखवाले ये प्यारे खाक़ी वर्दी वाले…

pyare khaqi vardi wale

सोहनी धरती के रखवाले ये प्यारे खाक़ी वर्दी वाले, हर बाप का फ़ख्र ओ गुरुर है ये हर

हारे हुए नसीब का मयार देख कर…

Bazmeshayari_512X512

हारे हुए नसीब का मयार देख कर वो चल पड़ा है इश्क़ का अख़बार देख कर, आयेंगी काम

अज़ब ही मेरे मुल्क की कहानी है…

अज़ब ही मेरे मुल्क

अज़ब ही मेरे मुल्क की कहानी है यहाँ सस्ता खून पर महँगा पानी है, खिले है फूल कागज़