हमारे बाद अब महफ़िल में अफ़्साने बयाँ होंगे

humare baad ab mahfil me afsaane bayaan honge

हमारे बाद अब महफ़िल में अफ़्साने बयाँ होंगे बहारें हम को ढूँढेंगी न जाने हम कहाँ होंगे, इसी

जला के मिशअल ए जाँ हम जुनूँ सिफ़ात चले

जला के मिशअल ए

जला के मिशअल ए जाँ हम जुनूँ सिफ़ात चले जो घर को आग लगाए हमारे साथ चले, दयार

हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो

हम को जुनूँ क्या

हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़्यादा चाक किए हैं हम ने अज़ीज़ो

यूँ तो आपस में बिगड़ते हैं ख़फ़ा होते हैं

यूँ तो आपस में

यूँ तो आपस में बिगड़ते हैं ख़फ़ा होते हैं मिलने वाले कहीं उल्फ़त में जुदा होते हैं ?

कोई हमदम न रहा कोई सहारा न रहा

कोई हमदम न रहा

कोई हमदम न रहा कोई सहारा न रहा हम किसी के न रहे कोई हमारा न रहा, शाम