सब के होते हुए लगता है कि घर ख़ाली है…

Bazmeshayari_512X512

सब के होते हुए लगता है कि घर ख़ाली है ये तकल्लुफ़ है कि जज़्बात की पामाली है,

खिड़कियाँ खोल रहा था कि हवा आएगी…

Bazmeshayari_512X512

खिड़कियाँ खोल रहा था कि हवा आएगी क्या ख़बर थी कि चिरागों को निगल जाएगी, मुझेको इस वास्ते

कश्ती चला रहा है मगर किस अदा के साथ…

Bazmeshayari_512X512

कश्ती चला रहा है मगर किस अदा के साथ हम भी न डूब जाएँ कहीं ना ख़ुदा के

किसी से भी नहीं हम सब्र की तलक़ीन लेते है…

Bazmeshayari_512X512

किसी से भी नहीं हम सब्र की तलक़ीन लेते है हमें मिलती नहीं जो चीज उसको छीन लेते

आँखे बन जाती है सावन की घटा शाम के बाद…

Bazmeshayari_512X512

आँखे बन जाती है सावन की घटा शाम के बाद लौट जाता है अगर कोई खफ़ा शाम के

मैं रातें जाग कर अक्सर वो यादें झाँक कर अक्सर…

Bazmeshayari_512X512

मैं रातें जाग कर अक्सर वो यादें झाँक कर अक्सर निशाँ जो छोड़ देती है मेरी ही ज़ात

मेरे दोस्त, ऐ मेरे प्यारे अभी बात है अधूरी…

Bazmeshayari_512X512

मेरे दोस्त, ऐ मेरे प्यारे अभी बात है अधूरी अभी चाँदनी है बाक़ी अभी रात है अधूरी, वही

चाँद यूँ कुछ देर को आते हो चले जाते हो…

Bazmeshayari_512X512

चाँद यूँ कुछ देर को आते हो चले जाते हो मेरी नज़रों से छुप कर बादलो में शरमाते

मैंने पल भर में यहाँ लोगो को बदलते हुए देखा है…

Bazmeshayari_512X512

मैंने पल भर में यहाँ लोगो को बदलते हुए देखा है ज़िन्दगी से हारे हुए लोगो को जीतते

एक शख्स की खातिर ज़बर कर बैठा हूँ…

Bazmeshayari_512X512

एक शख्स की खातिर ज़बर कर बैठा हूँ मैं ज़िन्दगी को इधर उधर कर बैठा हूँ, उस लम्हे