बेलौस हँसी दिखाना, दिल से निभाना हर रिश्ता यहाँ
मुस्कान पर अपने पराये सभी का अधिकार होता है,
खुदगर्ज़ी का हुनर विरासत में मिलता है हैवानो को
झूठी मुस्कान से नफ़रत छुपाने वाला मक्कार होता है,
चैन ओ अमन हो ज़िन्दगी में ना रंजिश ओ गम हो कोई
दर्द के बदले दुःख ओ तकलीफ देना व्यापार होता है,
अपने हिस्से का गम उठाना है ख़ुद ही यही मुक़द्दर है
मातम पर मनाएँ जो जश्न उस इसाँ पर धिक्कार होता है,
भूल ना जाना बुलंदियों पर पहुँच कर तुम औकात अपनी
क्योकि निभाना राजा कभी फ़कीर का क़िरदार होता है..!!
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