मुझे यकीं है अब हमारा जहान बदलेगा
ज़मीन बदलेगी और आसमान बदलेगा,
ये खार बदलेंगे और खारज़ाद बदलेगा
सियासतों का भी ये कारोबार बदलेगा,
ख़बासतों का ये सारा ज़माना बदलेगा
फ़रेब ओ मकर का कारखाना बदलेगा,
खबीस लोगो का तर्ज़ ए कलाम तो देखो
जलील लोगो का तर्ज़ ए खुराम तो देखो,
गुरुर ओ कुब्र का सारा खुमार उतरेगा
मुनाफिकत का ये सारा गुबार उतरेगा,
सुराही बदलेगी मीना ओ जाम बदलेगा
नज़र ये आता है सारा निज़ाम बदलेगा..!!
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