ज़िन्दगी दी है तो जीने का हुनर भी देना…

zindagi dee hai to jine ka hunar bhi dena

ज़िन्दगी दी है तो जीने का हुनर भी देना पाँव बख्शे है तो तौफ़ीक ए सफ़र भी देना,

काँटे ही चुभन दे ज़रूरी तो नहीं…

kaante hi chubhan de zaruri to nahi hai

काँटे ही चुभन दे ज़रूरी तो नहीं फूल भी नश्तर चभोते है, बारिश ही भिगोए तन मन ज़रूरी

दुश्मन मेरी ख़ुशियों का ज़माना ही नहीं था…

dushman meri khushiyo ka zamana hi nahi tha

दुश्मन मेरी ख़ुशियों का ज़माना ही नहीं था तुमने भी कभी अपना तो जाना ही नहीं था, क्या

ज़ख्म ए तन्हाई में ख़ुशबू ए हिना किसकी थी…

zakhm e tanhai me khushboo e hina kiski thi

ज़ख्म ए तन्हाई में ख़ुशबू ए हिना किसकी थी साया दीवार पे मेरा था, सदा किसकी थी ?

ना जाने कैसी तक़दीर पाई है…

naa jaane kaisi taqdeer paai hai

ना जाने कैसी तक़दीर पाई है जो आया आज़मा के चला गया, कल तक गले लगाने वाला भी

कभी राहो में मिली होगी तू…

kabhi raaho me mili hogi tu

कभी राहो में मिली होगी तू तुझे मैंने कभी देखा तो होगा, हर दिल कुछ कहता है इस

सफ़र है धूप का इसमें क़याम थोड़ी है…

safar hai dhoop ka isme qayaam thodi hai

सफ़र है धूप का इसमें क़याम थोड़ी है बला है इश्क़ ये बच्चों का काम थोड़ी है, किसी

तनाव में जब आ जाए तो धागे टूट जाते है…

tanav me jab aaye to dhaage tut jate hai

तनाव में जब आ जाए तो धागे टूट जाते है ज़रा सी बात पर पुराने रिश्ते टूट जाते

अंधेरा ज़ेहन का सम्त ए सफ़र जब खोने लगता है…

andhera zehan ka samt e safar jab khone lagta hai

अंधेरा ज़ेहन का सम्त ए सफ़र जब खोने लगता है किसी का ध्यान आता है उजाला होने लगता

दुनियाँ जिसे कहते है जादू का खिलौना है…

duniyan jise kahte hai mitti ka khilauna hai

दुनियाँ जिसे कहते है जादू का खिलौना है मिल जाए तो मिट्टी है खो जाए तो सोना है,