वो जो दिल के क़रीब होते है
लोग वो भी अज़ीब होते है,
पढ़ना लिखना जो जानते न हो
शहर में वो अदीब होते है,
हर बीमारी के जो मुआलिज़ हो
दिल के कब वो तबीब होते है,
ज़िन्दगी बसर कर चुके हम लोग
आजकल बस ग़रीब होते है,
जिनकी सुनते है कारवाँ वाले
काफिलो के नकीब होते है,
अहल ए दुनिया को जो मयस्सर हो
कब हमें वो नसीब होते है,
फ़ितना परवर जो दोस्त हो नवाब
वो दर हक़ीक़त रकीब होते है..!!
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