न ज़रूरत है दवा की न दुआ की दोस्तों !

naa zarurat dawa ki naa dua ki dosto

न ज़रूरत है दवा की न दुआ की दोस्तों ! दिल की गहराई से ज्यादा दर्द के फोड़े

दौर ए ज़दीद में गुनाह ओ सवाब बिकते है

daur e zadid me gunah o savab bikte hai

दौर ए ज़दीद में गुनाह ओ सवाब बिकते है वतन में अब जुबां, क़लम ज़नाब बिकते है, पहले

ये और बात दूर रहे मंज़िलों से हम

ye aur baat rahe manzilo se door ham

ये और बात दूर रहे मंज़िलों से हम बच कर चले हमेशा मगर क़ाफ़िलों से हम, होने को

ये सोचना ग़लत है कि तुम पर नज़र नहीं

ye sochna galat hai ki tum par nazar

ये सोचना ग़लत है कि तुम पर नज़र नहीं मसरूफ़ हम बहुत हैं मगर बेख़बर नहीं, अब तो

आ जाए वो मिलने तो मुझे ईद मुबारक

aa jaaye wo milne to mujhe eid mubarak

आ जाए वो मिलने तो मुझे ईद मुबारक मत आए ब हर हाल उसे ईद मुबारक, ऐसा हो

एक तारीख़ मुक़र्रर पे तो हर माह मिले

ek tarikh muqarrar pe to har maah mile

एक तारीख़ मुक़र्रर पे तो हर माह मिले जैसे दफ़्तर में किसी शख़्स को तनख़्वाह मिले, रंग उखड़

हर एक हज़ार में बस पाँच सात हैं…

har ek hazaar me bas panch saath log hai hum log

हर एक हज़ार में बस पाँच सात हैं हम लोग निसाब ए इश्क़ पे वाजिब ज़कात हैं हम

खेल दोनों का चले तीन का दाना न पड़े

khel dono ka chale teen ka daana na pade

खेल दोनों का चले तीन का दाना न पड़े सीढ़ियाँ आती रहें साँप का ख़ाना न पड़े, देख

तू काश मिले मुझको अकेली तो बताऊँ

tu kaash mile mujhko akeli to bataaoo

तू काश मिले मुझको अकेली तो बताऊँ सुलझे मेरी क़िस्मत की पहेली तो बताऊँ, आने से तेरे पहले

रास्ते की धूल ने पैरों को ज़ख़्मी कर दिया

raaste ki dhool ne pairo ko zakhmi kar diya

रास्ते की धूल ने पैरों को ज़ख़्मी कर दिया बहर से माही अलग करना मुझे आता नहीं, बैठ