दिल जब घबराये तो ख़ुद को एक क़िस्सा सुना देना…

दिल जब घबराये तो ख़ुद को एक क़िस्सा सुना देना
ज़िन्दगी कितनी भी मुश्किल क्यूँ ना हो मुस्कुरा देना,

आसानी से सब कुछ हासिल हो तो उसकी कद्र कहाँ ?
ज़रूरी है कुछ पाने के लिए कुछ गँवा देना,

ज़ाहिर है मुसीबतों में साथ कोई अपना नहीं रहता
चुप रहना बेशक़ आँख से एक क़तरा बहा देना,

शिकायतें सिर्फ दिल मैला करती है और कुछ नहीं
आसान है गले मिल कर कभी सब कुछ भूला देना,

बीते हुए दुआर की बातें याद कर क्या हासिल प्यारे
क्या ज़रूरी है कल की याद में अपने आज को सज़ा देना ?

कुछ कमियाँ हम सब में है, ये जानते है हम
बहुत बड़ी बात है, किसी के ऐब को बेवजह छुपा देना,

है दुनियाँ में सुखनवर और भी बहुत अच्छे लेकिन
तुम ऐसा लिखो कि दिल से दिल, सबके मिला देना..!!

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