कैसे मंज़र सामने आने लगे हैं…

kaise manzar samne aane lage hai

कैसे मंज़र सामने आने लगे हैं गाते गाते लोग चिल्लाने लगे हैं, अब तो इस तालाब का पानी

एक दिन मुल्क के हर घर में उजाला होगा…

ek din mulq ke har ghar me ujala hoga

एक दिन मुल्क के हर घर में उजाला होगा हर शख्स यहाँ सबका भला चाहने वाला होगा, इंसानों

वही ताज है वही तख़्त है वही ज़हर है वही जाम है…

wahi taaz hai wahi takht hai wahi zahar hai

वही ताज है वही तख़्त है वही ज़हर है वही जाम है ये वही ख़ुदा की ज़मीन है

नफ़रत को छोड़ द तू मुहब्बत की बात कर…

nafrat ko chhod de tu muhabbat ki baat kar

नफ़रत को छोड़ द तू मुहब्बत की बात कर इत्तिहाद ओ अमन ओ शराफ़त की बात कर, मत

नग्मो से भरे दरिया थे रवां गीतों से भरी हरियाली थी…

geeto se bhari hariyali thi

इस देस का रंग अनोखा था इस देस की बात निराली थी नग्मो से भरे दरिया थे रवां

सोहनी धरती के रखवाले ये प्यारे खाक़ी वर्दी वाले…

pyare khaqi vardi wale

सोहनी धरती के रखवाले ये प्यारे खाक़ी वर्दी वाले, हर बाप का फ़ख्र ओ गुरुर है ये हर

अज़ब ही मेरे मुल्क की कहानी है…

अज़ब ही मेरे मुल्क

अज़ब ही मेरे मुल्क की कहानी है यहाँ सस्ता खून पर महँगा पानी है, खिले है फूल कागज़

आवाम भूख से देखो निढाल है कि नहीं ?

आवाम भूख से देखो

आवाम भूख से देखो निढाल है कि नहीं ? हर एक चेहरे से ज़ाहिर मलाल है कि नहीं

बस एक ही हल इसका हमारे पास है लोगो…

Bazmeshayari_512X512

बस एक ही हल इसका हमारे पास है लोगो जो हुक्मराँ बिक जाए वो बकवास है लोगो, किस

चुनाव से पहले मशरूफ़ होते है सारे ही उम्मीदवार…

चुनाव से पहले मशरूफ़

चुनाव से पहले मशरूफ़ होते है सारे ही उम्मीदवार दिन रात मीटिंगे होती है इन सबके प्यादे और