ज़िन्दगी से एक दिन मौसम खफ़ा हो जाएँगे…

zindagi se ek din mausam khafa ho jayenge

ज़िन्दगी से एक दिन मौसम खफ़ा हो जाएँगे रंग ए गुल और बू ए गुल दोनों हवा हो

मरीज़ ए इश्क़ का मर्ज़ वो बुखार बताते हैं…

mariz e ishq ke marz ko wo bukhar batate hai

मरीज़ ए इश्क़ का मर्ज़ वो बुखार बताते हैं शख़्स एक है पर क़ातिल बेशुमार बताते हैं, नशा

ज़िंदगी दर्द की कहानी है चश्म ए अंजुम में भी तो पानी है…

zindagi dard ki kahani hai

ज़िंदगी दर्द की कहानी है चश्म ए अंजुम में भी तो पानी है, बेनियाज़ाना सुन लिया ग़म ए

अचानक दिलरुबा मौसम का दिल आज़ार हो जाना…

achanak dilruba mausam ka dil azar ho jana

अचानक दिलरुबा मौसम का दिल आज़ार हो जाना दुआ आसाँ नहीं रहना सुख़न दुश्वार हो जाना, तुम्हें देखें

अभी कुछ और करिश्मे ग़ज़ल के देखते हैं…

abhi kuch aur karishme gazal ke dekhte hai

अभी कुछ और करिश्मे ग़ज़ल के देखते हैं ‘फ़राज़’ अब ज़रा लहजा बदल के देखते हैं, जुदाइयाँ तो

कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता…

kabhi kisi ko muqammal jahan nahi milta

कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता कहीं ज़मीन कहीं आसमाँ नहीं मिलता, तमाम शहर में ऐसा नहीं

ज़रा सी देर थी बस एक दिया जलाना था…

sitam sitam na raha jab sanam sanam na raha

ज़रा सी देर थी बस एक दिया जलाना था और इसके बाद फ़क़त आँधियों को आना था, मैं

कोई नई चोट फिर से खाओ ! उदास लोगो…

koi nayi chot fir se khaao udas logo

कोई नई चोट फिर से खाओ ! उदास लोगो कहा था किसने कि मुस्कुराओ ! उदास लोगो, गुज़र

जो चल सको तो कोई ऐसी चाल चल जाना…

jo chal sako to koi aisi chaal chal jaana

जो चल सको तो कोई ऐसी चाल चल जाना मुझे गुमाँ भी ना हो और तुम बदल जाना,

अब के रुत बदली तो ख़ुशबू का सफ़र देखेगा कौन…

ab ke rut badali to khushboo ka safar dekhega kaun

अब के रुत बदली तो ख़ुशबू का सफ़र देखेगा कौन ज़ख़्म फूलों की तरह महकेंगे पर देखेगा कौन