महताब सिफ़त लोग यहाँ ख़ाक बसर हैं

mahtab sifat log yahan khaaq basar hain

महताब सिफ़त लोग यहाँ ख़ाक बसर हैं हम महव ए तमाशा ए सर ए राह गुज़र हैं, हसरत

क्या क्या लोग गुज़र जाते हैं रंग बिरंगी कारों में

kya kya log guzar jaate hain rang birangi kaaro me

क्या क्या लोग गुज़र जाते हैं रंग बिरंगी कारों में दिल को थाम के रह जाते हैं दिल

तेरे माथे पे जब तक बल रहा है

tere maathe pe jab tak bal raha hai

तेरे माथे पे जब तक बल रहा है उजाला आँख से ओझल रहा है, समाते क्या नज़र में

हम ने दिल से तुझे सदा माना

hum ne dil se tujhe sada maana

हम ने दिल से तुझे सदा माना तू बड़ा था तुझे बड़ा माना, मीर ओ ग़ालिब के बाद

तू रंग है ग़ुबार हैं तेरी गली के लोग

tu rang hai gubar hai teri gali ke log

तू रंग है ग़ुबार हैं तेरी गली के लोग तो फूल है शरार हैं तेरी गली के लोग,

शहर वीराँ उदास हैं गलियाँ

shahar veeraan udas hai galiyan

शहर वीराँ उदास हैं गलियाँ रहगुज़ारों से उठ रहा है धुआँ, आतिश ए ग़म में जल रहे हैं

नज़र नज़र में लिए तेरा प्यार फिरते हैं

nazar nazar me liye tera pyar firte hain

नज़र नज़र में लिए तेरा प्यार फिरते हैं मिसाल ए मौज ए नसीम ए बहार फिरते हैं, तेरे

बहुत रौशन है शाम ए ग़म हमारी

bahut raushan hai shaam e gam humari

बहुत रौशन है शाम ए ग़म हमारी किसी की याद है हमदम हमारी, ग़लत है ला तअल्लुक़ हैं

कम पुराना बहुत नया था फ़िराक़

kam purana bahut naya tha firaq

कम पुराना बहुत नया था फ़िराक़ एक अजब रम्ज़ आशना था फ़िराक़, दूर वो कब हुआ निगाहों से

हम आवारा गाँव गाँव बस्ती बस्ती फिरने वाले

hum awara gaanv gaanv basti basti firne wale

हम आवारा गाँव गाँव बस्ती बस्ती फिरने वाले हम से प्रीत बढ़ा कर कोई मुफ़्त में क्यूँ ग़म