ये इश्क़ पे सब दुनियाँ वाले बेकार की बातें करते है…

ye ishq me sab duniya wale

ये इश्क़ पे सब दुनियाँ वाले बेकार की बातें करते है पायल के ग़मों का इल्म नहीं झंकार

कोई नहीं आता समझाने अब आराम से हैं दीवाने…

koi nahi aata samjhaane ab deewane

कोई नहीं आता समझाने अब आराम से हैं दीवाने, तय न हुए दिल के वीराने थक कर बैठ

शिकवा भी ज़फ़ा का कैसे करे एक नाज़ुक सी दुश्वारी है…

shikwa bhi zafa ka kaise kare

शिकवा भी ज़फ़ा का कैसे करे एक नाज़ुक सी दुश्वारी है आगाज़ ए वफ़ा ख़ुद हमने किया था

क़र्ज़ जाँ का उतारने के लिए मैं जीया ख़ुद को मारने के लिए…

karz jaan ka utarne ke liye

क़र्ज़  जाँ का उतारने के लिए मैं जीया ख़ुद को मारने के लिए,   मुझे जलना पड़ा दीये

वो चाँदनी का बदन ख़ुशबुओं का साया है…

wo chandni ka badan khushboo ka saya hai

वो चाँदनी का बदन ख़ुशबुओं का साया है बहुत अज़ीज़ हमें है मगर पराया है, उतर भी आओ

थी जिसकी जुस्तज़ू वो हकीक़त नहीं मिली…

thi jiski justzoo wo haqiqat nahi mili

थी जिसकी जुस्तज़ू वो हकीक़त नहीं मिली इन बस्तियों में हमको रफ़ाक़त नहीं मिली, अबतक हूँ इस गुमाँ

अब जो बिछडे हैं, तो बिछडने की शिकायत कैसी…

ab jo bichhde hai to bichhadne ki shikayat kaisi

अब जो बिछडे हैं, तो बिछडने की शिकायत कैसी मौत के दरिया में उतरे तो जीने की इजाजत

कौन कहता है शरारत से तुम्हे देखते है…

kaun kahta hai sharart se tumhe dekhte hai

कौन कहता है शरारत से तुम्हे देखते है जान ए मन हम तो मुहब्बत से तुम्हे देखते है,

तू समझता है कि रिश्तों की दुहाई देंगे…

tu samjhta hai ki ham rishto ki duhaai denge

तू समझता है कि रिश्तों की दुहाई देंगे हम तो वो हैं तेरे चेहरे से दिखाई देंगे, हम

तेरे में अब तो रही बात वो नहीं है दोस्त…

tere me to rahi ab wo baat nahi

तेरे में अब तो रही बात वो नहीं है दोस्त हुई ये अपनी मुलाक़ात वो नहीं है दोस्त,