नतीजा फिर वही होगा सुना है साल बदलेगा
परिंदे फिर वही होंगे शिकारी जाल बदलेगा,
बदलना है तो दिन बदलो बदलते क्यूँ हो हिंदिसे को ?
महीने फिर वही होंगे सुना है साल बदलेगा,
वही हाकिम वही ग़ुरबत वही क़ातिल वही ज़ालिम
बताओ कितने सालों में हमारा हाल बदलेगा..??
~अज्ञात
नासिर क्या कहता फिरता है कुछ न सुनो तो बेहतर है
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