तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है न…

तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है न
दोस्ती मुझ से और प्यार कोई और है न ?

जो तेरे हुस्न पे मरते हैं बहुत से होंगे
पर तेरे दिल का तलबगार कोई और है न ?

तू मेरे अश्क न देख, और फक़त इतना बता
मैं नहीं हूँ तेरा दिलदार कोई और है न ?

इस लिए भी तुझे दुनियाँ से अलग चाहता हूँ
तू कोई और है, संसार कोई और है न …??

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