उदास शामो का तुम कुछ हिसाब रख लेना…

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उदास शामो का तुम कुछ हिसाब रख लेना, दिल ए हज़ीं में मुहब्बत का बाब रख लेना, न

एक शख्स की खातिर ज़बर कर बैठा हूँ…

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एक शख्स की खातिर ज़बर कर बैठा हूँ मैं ज़िन्दगी को इधर उधर कर बैठा हूँ, उस लम्हे