मैं ने यूँ इन सर्द लबों को रखा…

Main ne yun in

मैं ने यूँ इन सर्द लबों को रखा उन रुख़्सारों पर जैसे कोई भूल से रख दे फूलों

ऐ जुनूँ तेरा अभी तक न मुक़द्दर बदला

Ae Junoon tera abhi

ऐ जुनूँ तेरा अभी तक न मुक़द्दर बदला शहर बदला न किसी हाथ का पत्थर बदला, ज़िंदगी बख़्श

राहें वीरान तो उजड़े हुए कुछ घर होंगे

Raahen veeran to ujde

राहें वीरान तो उजड़े हुए कुछ घर होंगे दश्त से बढ़ के मेंरे शहर के मंज़र होंगे, यूँ

युसुफ़ न थे मगर सर ए बाज़ार आ गए

yusuf-na-the-magar

युसुफ़ न थे मगर सर ए बाज़ार आ गए ख़ुश फहमियाँ ये थी कि ख़रीदार आ गए, आवाज़

एक सूरज था कि तारों के घराने से उठा

एक सूरज था कि

एक सूरज था कि तारों के घराने से उठा आँख हैरान है क्या शख़्स ज़माने से उठा, किस

जुस्तुजू खोए हुओं की उम्र भर करते रहे

जुस्तुजू खोए हुओं की

जुस्तुजू खोए हुओं की उम्र भर करते रहे चाँद के हमराह हर शब सफ़र करते रहे, रास्तों का

वो जो दिल में तेरा मुक़ाम है

वो जो दिल में तेरा मुक़ाम है

वो जो दिल में तेरा मुक़ाम है किसी और को वो देना नहीं, वो जो रिश्ता तुझ से

दिल की दुनिया में दुनिया न आये कभी

दिल की दुनिया में

दिल की दुनिया में दुनिया न आये कभी मेरे मौला ये दुनिया न भाये कभी, जिस को क़ुरआँ

लिबास तन से उतार देना, किसी को बांहों के हार देना

लिबास तन से उतार

लिबास तन से उतार देना, किसी को बांहों के हार देना फिर उसके जज़्बों को मार देना, अगर

मुक़म्मल दो ही दानों पर ये तस्बीह ए मुहब्बत है

मुक़म्मल दो ही दानों

मुक़म्मल दो ही दानों पर ये तस्बीह ए मुहब्बत है जो आये तीसरा दाना ये डोरी टूट जाती