यही जगह थी यही दिन था और यही लम्हात

yahi jagah thi yahi

यही जगह थी यही दिन था और यही लम्हात सरों पे छाई थी सदियों से एक जो काली

ये हिन्दोस्ताँ है हमारा वतन

ye hindustan hai hamara

ये हिन्दोस्ताँ है हमारा वतन मोहब्बत की आँखों का तारा वतन, हमारा वतन दिल से प्यारा वतन वो

किसी के नाम रुत्बा और न ख़द्द ओ ख़ाल से मतलब

kisi ke naam rutba

किसी के नाम रुत्बा और न ख़द्द ओ ख़ाल से मतलब किरामन कातिबीं को ख़ल्क़ के आमाल से

सहर जब मुस्कुराई तब कहीं तारों को नींद आई

sahar jab muskuraai tab

सहर जब मुस्कुराई तब कहीं तारों को नींद आई बहुत मुश्किल से कल शब दर्द के मारों को

न तो उस्लूब न अंदाज़ गिराँ गुज़रा है

naa to usloob na

न तो उस्लूब न अंदाज़ गिराँ गुज़रा है उस पे मेरा फ़न ए परवाज़ गिराँ गुज़रा है, ये

बेबसी से हाथ अपने मलने वाले हम नहीं

bebasi se haath apne

बेबसी से हाथ अपने मलने वाले हम नहीं मेहरबानी पर किसी की पलने वाले हम नहीं, रहगुज़र अपनी

चिश्ती ने जिस ज़मीं में पैग़ाम ए हक़ सुनाया

chisti ne jis zamin

चिश्ती ने जिस ज़मीं में पैग़ाम ए हक़ सुनाया नानक ने जिस चमन में वहदत का गीत गाया,

वो हर मक़ाम से पहले वो हर मक़ाम के बाद

wo har muqam se

वो हर मक़ाम से पहले वो हर मक़ाम के बाद सहर थी शाम से पहले सहर है शाम

हादसे ज़ीस्त की तौक़ीर बढ़ा देते हैं

haadse zist ki tauqeer

हादसे ज़ीस्त की तौक़ीर बढ़ा देते हैं ऐ ग़म ए यार तुझे हम तो दुआ देते हैं, तेरे

होंठों पे हँसी आँख में तारों की लड़ी है

honthon pe hanseen aankh

होंठों पे हँसी आँख में तारों की लड़ी है वहशत बड़े दिलचस्प दो राहे पे खड़ी है, दिल