दिल में जगह दूँ तुम को अपने पहले से हैं मेहमान बहुत

dil me jagah doon

दिल में जगह दूँ तुम को अपने पहले से हैं मेहमान बहुत तुम देखो कोई और ठिकाना हो

चलो तुम को मिलाता हूँ मैं उस मेहमान से पहले

chalo tum ko milata

चलो तुम को मिलाता हूँ मैं उस मेहमान से पहले जो मेरे जिस्म में रहता था मेरी जान

बाहर नहीं तो ख़ुद ही के अंदर तलाश कर

bahar nahi to khud

बाहर नहीं तो ख़ुद ही के अंदर तलाश कर सहरा है जिस जगह पे समुंदर तलाश कर, मुमकिन

एक ग़म ही तो यार है अपना

ek gam hi to

एक ग़म ही तो यार है अपना दिल जो उन पर निसार है अपना, हम तो कब के

हिज्र की शब नाला ए दिल वो सदा देने लगे

hizr ki shab naala

हिज्र की शब नाला ए दिल वो सदा देने लगे सुनने वाले रात कटने की दुआ देने लगे,

रो रहा था मैं भरी बरसात थी

ro raha tha main

रो रहा था मैं भरी बरसात थी हाल क्या खुलता अँधेरी रात थी, मेरे नालों से है बरहम

कहाँ तक जफ़ा हुस्न वालों की सहते

kahan tak zafa husn

कहाँ तक जफ़ा हुस्न वालों की सहते जवानी जो रहती तो फिर हम न रहते, लहू था तमन्ना

फूलों का कुंज ए दिलकश भारत में एक बनाएँ

phoolon ka kunj e

फूलों का कुंज ए दिलकश भारत में एक बनाएँ हुब्ब ए वतन के पौधे इस में नए लगाएँ,

मेंरी सदा है गुल ए शम् ए शाम ए आज़ादी

meri sada hai gul

मेंरी सदा है गुल ए शम् ए शाम ए आज़ादी सुना रहा हूँ दिलों को पयाम ए आज़ादी,

नाक़ूस से ग़रज़ है न मतलब अज़ाँ से है

naqoos se garaz hai

नाक़ूस से ग़रज़ है न मतलब अज़ाँ से है मुझ को अगर है इश्क़ तो हिन्दोस्ताँ से है