उसे कहना मुहब्बत दिल के ताले तोड़ देती है…

उसे कहना मुहब्बत दिल के ताले तोड़ देती है
उसे कहना मुहब्बत दो दिलो को जोड़ देती है,

उसे कहना मुहब्बत नाम है रूहों के मिलने का
उसे कहना मुहब्बत नाम है ज़ख्मो के सिलने का,

उसे कहना मुहब्बत तो दिलो में रौशनी भर दे
उसे कहना मुहब्बत पत्थरो को मोम सा कर दे,

उसे कहना मुहब्बत दूर है रस्म ओ रिवाज़ो से
उसे कहना मुहब्बत मावरा तख्तों से ताज़ो से,

उसे कहना मुहब्बत का नहीं अलबदल कोई
उसे कहना मुहब्बत का नहीं है हमशक्ल कोई,

उसे कहना मुहब्बत पर यकीं कर लो मेरे हमदम
उसे कहना मुहब्बत दिल में तुम भर लो मेरे हमदम..!!


Discover more from Bazm e Shayari :: बज़्म ए शायरी -Hindi / Urdu Poetry, Ghazals, Shayari

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply