मेरा दिल बुराई से तू साफ़ कर दे
ऐ देने वाले मुझे माफ़ कर दे,
मेरी तरफ से हुई है खताएँ
ऐबों पर सत्तारी का एक लिहाफ़ कर दे,
तेरी तरफ़ से हुई है अताएँ
नेमतों पर शुक्र का एक गिलाफ़ कर दे,
दुनियाँ भी बनाएँ लोगो को मनाएँ
आखिरत भी मेरी तू एह्दाफ़ कर दे,
ना दुखाएँ नवाब दिल किसी का
ऐसे हमारे तू औसाफ़ कर दे..!!
➤ आप इन्हें भी पढ़ सकते हैं

हंगामा है क्यूँ बरपा थोड़ी सी जो पी ली है

मेरे सिवा भी कोई गिरफ़्तार मुझ में है

वो दौर और था वो महबूबा और थी…

अब भला छोड़ के घर क्या करते…

मुमकिन ही न थी ख़ुद से शनासाई यहाँ तक…

जिसके साथ अपनी माँ की दुआ होती है

मैं न कहता था कि शहरों में न जा यार मेरे

ये जो पल है ये पिछले पल से भी भारी है

जो गुल है याँ सो उस गुल-ए-रुख़्सार साथ है

तुम को वफ़ा से क्या मतलब है जाओ अपना काम करो
















