मेरा दिल बुराई से तू साफ़ कर दे
ऐ देने वाले मुझे माफ़ कर दे,
मेरी तरफ से हुई है खताएँ
ऐबों पर सत्तारी का एक लिहाफ़ कर दे,
तेरी तरफ़ से हुई है अताएँ
नेमतों पर शुक्र का एक गिलाफ़ कर दे,
दुनियाँ भी बनाएँ लोगो को मनाएँ
आखिरत भी मेरी तू एह्दाफ़ कर दे,
ना दुखाएँ नवाब दिल किसी का
ऐसे हमारे तू औसाफ़ कर दे..!!
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एक पल में ज़िंदगी भर की उदासी दे गया

तलाश अपना मैं नाम करूँ…

ये जो नंग थे ये जो नाम थे मुझे खा गए

यूँ शहर के बाज़ार में क्या क्या नहीं मिलता

हाल ए दिल सुन के मेंरा सर ब गरेबाँ क्यूँ हैं

किसी की आँखों में ऐसा कभी ख़ुमार न था

यूँ तो आपस में बिगड़ते हैं ख़फ़ा होते हैं

शबनम है कि धोखा है कि झरना है कि तुम हो

फ़लसफ़े इश्क़ में पेश आये सवालो की तरह…

सरहदों पर है अपने जवानों का गम
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