दुनिया को शानदार का मतलब नहीं पता
मतलब हमारे यार का मतलब नहीं पता,
मैं ने कहा तलाश करूँगा कहाँ तुम्हें
उस ने कहा क़तार का मतलब नहीं पता,
वो वक़्त पर मिले न मिले फ़ाएदे में हूँ
वो यूँ कि इंतिज़ार का मतलब नहीं पता,
अल्लह करे तुम आँखें दिखाओ कभी उसे
जिस शख़्स को ख़ुमार का मतलब नहीं पता,
बेबाक आदमी हूँ मगर हूँ तो आदमी
शर्म आ रही है प्यार का मतलब नहीं पता..!!
~मुज़दम ख़ान
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