ग़मों का सैलाब आया ज़रूर है…

gamo ka sailab aya zarur hai

ग़मों का सैलाब आया ज़रूर है कुछ खोया तो कुछ पाया ज़रूर है, एक तुम हो जो दर्द

लिख लिख के आँसुओं से दीवान कर

लिख लिख के आँसुओं

लिख लिख के आँसुओं से दीवान कर लिया है अपने सुख़न को अपनी पहचान कर लिया है, आख़िर

इस दिल में आह, आँखों में नाले है…

इस दिल में आह

इस दिल में आह, आँखों में नाले है हमें न सताओ हम तुम्हारे चाहने वाले है, मुहब्बत भरे

अगर तू साथ चल पड़ता सफ़र…

agar tu saath chal padta

अगर तू साथ चल पड़ता सफ़र आसान हो जाता ख़ुशी से उम्र भर जीने का एक सामान हो

हिज्र की शब घड़ी घड़ी दिल से यही…

हिज्र की शब घड़ी

हिज्र की शब घड़ी घड़ी दिल से यही सवाल है जिसके ख़याल में हूँ गुम उसको भी कुछ

ऐ लिखने वाले आख़िर तू ही क्यूँ…

ae likhne wale aakhir

ऐ लिखने वाले आख़िर तू ही क्यूँ लिखता है ? है ये दर्द सबको फिर तुझे ही क्यूँ

अब अपने दीदा ओ दिल का भी ए’तिबार

अब अपने दीदा ओ

अब अपने दीदा ओ दिल का भी ए’तिबार नहीं उसी को प्यार किया जिस के दिल में प्यार

आरज़ू को दिल ही दिल में घुट के…

Bazmeshayari_512X512

आरज़ू को दिल ही दिल में घुट के रहना आ गया और वो ये समझे कि मुझ को

इस बहते हुए लहू में मुझे तो

is bahte hue lahoo me

इस बहते हुए लहू में मुझे तो बस इन्सान नज़र आ रहा है लानत हो तुम पे तुम्हे

जिसने भी मुहब्बत का गीत गया है

जिसने भी मुहब्बत का

जिसने भी मुहब्बत का गीत गया है ज़िन्दगी का लुत्फ़ उसने ही उठाया है, मौसम गर्मी का हो