अजब अपना हाल होता जो विसाल ए यार होता

azab apna haal hota jo

अजब अपना हाल होता जो विसाल ए यार होता कभी जान सदक़े होती कभी दिल निसार होता, कोई

आप का एतिबार कौन करे

aapka aetibar kaun kare

आप का एतिबार कौन करे रोज़ का इंतिज़ार कौन करे ज़िक्र ए मेहर ओ वफ़ा तो हम करते

फिरे राह से वो यहाँ आते आते

fire raah se wo yahan aate aate

फिरे राह से वो यहाँ आते आते अजल मर रही तू कहाँ आते आते, न जाना कि दुनिया

गली गली यूँ मोहब्बत के ख़्वाब बेचूँगा

gali gali yun mohabbat ke khwab

गली गली यूँ मोहब्बत के ख़्वाब बेचूँगा मैं रख के रेढ़ी पे ताज़ा गुलाब बेचूँगा, रही जो ज़िन्दगी

नशा नशे के लिए है अज़ाब में शामिल

nasha nashe ke liye hai

नशा नशे के लिए है अज़ाब में शामिल किसी की याद को कीजे शराब में शामिल, हर एक

तन्हा हुए ख़राब हुए आइना हुए

tanha hue kharab hue

तन्हा हुए ख़राब हुए आइना हुए चाहा था आदमी बनें लेकिन ख़ुदा हुए, जब तक जिए बिखरते रहे

कोई नहीं है आने वाला फिर भी कोई आने को है

koi nahin hai aane wala

कोई नहीं है आने वाला फिर भी कोई आने को है आते जाते रात और दिन में कुछ

किसी भी शहर में जाओ कहीं क़याम करो

kisi bhi shahar me jaao

किसी भी शहर में जाओ कहीं क़याम करो कोई फ़ज़ा कोई मंज़र किसी के नाम करो, दुआ सलाम

कोई किसी की तरफ़ है कोई किसी की तरफ़

koi kisi ki taraf hai koi

कोई किसी की तरफ़ है कोई किसी की तरफ़ कहाँ है शहर में अब कोई ज़िंदगी की तरफ़,

चाहतें मौसमी परिंदे हैं रुत बदलते ही लौट जाते हैं

chahte mausami parinde hai

चाहतें मौसमी परिंदे हैं रुत बदलते ही लौट जाते हैं घोंसले बन के टूट जाते हैं दाग़ शाख़ों