हक़ मेहर कितना होगा बताया नहीं गया

haq mehar kitna hoga bataya nahi gaya

हक़ मेहर कितना होगा बताया नहीं गया शहज़ादियों को बाम पे लाया नहीं गया, कमज़ोर सी हदीस सुना

मुस्कुरा कर चलो खिलखिला कर चलो

muskura kar chalo khilkhila k

मुस्कुरा कर चलो खिलखिला कर चलो दिल किसी का मगर ना दुखा कर चलो, जिसकी ख़ुशबू जहाँ में

उसकी ख़ातिर रोना हँसना अच्छा लगता है

uski khaatir rona hansna

उसकी ख़ातिर रोना हँसना अच्छा लगता है जैसे धूप में बारिश होना अच्छा लगता है, ख़्वाब की कच्ची

दामन ए सद चाक को एक बार सी लेता हूँ मैं

daman e sad chaak ko ek baar

दामन ए सद चाक को एक बार सी लेता हूँ मैं तुम अगर कहते हो तो कुछ रोज़

फ़ना के तीर हवा के परों में रखे हैं

fanaa ke teer hawa ke paron me

फ़ना के तीर हवा के परों में रखे हैं कि हम घरों की जगह मक़बरों में रखे है,

आँसूं भी जो मिल जाएँ तो मुस्काती हैं

aansoon bhi jo mil jaaye to

आँसूं भी जो मिल जाएँ तो मुस्काती हैं बेटियाँ तो बड़ी मासूम हैं जज़्बाती हैं, ख़िदमत से उतर

उसने कहा कि मुझसे तुम्हें कितना प्यार है ?

usne kaha ki mujhse kitna pyar hai

उसने कहा कि मुझसे तुम्हें कितना प्यार है ? मैंने कहा सितारों का भी कोई शुमार है, उसने

मुझे यकीं है अब हमारा जहान बदलेगा

mujhe yaqin hai ab hamara jahan badlega

मुझे यकीं है अब हमारा जहान बदलेगा ज़मीन बदलेगी और आसमान बदलेगा, ये खार बदलेंगे और खारज़ाद बदलेगा

वो मेरे घर नहीं आता मैं उसके घर नहीं जाता

wo mere ghar nahi aata main uske ghar nahi

वो मेरे घर नहीं आता मैं उसके घर नहीं जाता मगर इन एहतियातों से ताअल्लुक़ मर नहीं जाता,

जब लहजे बदल जाएँ तो वज़ाहतें कैसी ?

jab lahje badal jaayen to

जब लहजे बदल जाएँ तो वज़ाहतें कैसी ? नई मयस्सर हो जाएँ तो पुरानी चाहतें कैसी ? वस्ल