सोच के ख़ुद ही बताएं ये बताने वाले

soch ke khud hi bataye ye

सोच के ख़ुद ही बताएं ये बताने वाले तूने सीखे हैं जो अंदाज़ ज़माने वाले, आधे रस्ते से

दिल ए बेताब की मुझको हिमायत अब नहीं करनी

dil e betab ki mujhko

दिल ए बेताब की मुझको हिमायत अब नहीं करनी मुझे आज़ाद रहना हैं मुहब्बत अब नहीं करनी, गिला

कैसे होता है मुमकिन ये गवारा करना

kaise hota hai mumkin ye ganvara karna

कैसे होता है मुमकिन ये गवारा करना दिल में बसे हुए लोगो से किनारा करना, कुछ मुहब्बत के

मगरूर परिंदों को ये ऐलान गया है

magrur parindon ko ye aelaan

मगरूर परिंदों को ये ऐलान गया है सय्याद नशेमन का पता जान गया है, यानि जिसे दीमक लगी

सब की कहानी एक तरफ़ है…

sabki kahani ek taraf hai

सबकी कहानी एक तरफ़ है मेरा क़िस्सा एक तरफ़ एक तरफ़ सैराब हैं सारे और मैं प्यासा एक

ख़ाली हाथ ही जाना है क्या खोना क्या पाना है

khaali hath hi jaana hai

ख़ाली हाथ ही जाना है क्या खोना क्या पाना है चाहे जितने नाते जोड़ें एक दिन टूट ही

अदाएँ हश्र जगाएँ वो इतना दिलकश है

adayen hashr jagayen wo

अदाएँ हश्र जगाएँ वो इतना दिलकश है ख्याल हर्फ़ न पाएँ वो इतना दिलकश है, बहिश्ती गूंचों से

ये जो दीवाने से दो चार नज़र आते है

ye jo deewane se do chaar

ये जो दीवाने से दो चार नज़र आते है उनमे कुछ साहिब ए असरार नज़र आते है, तेरी

कभी यूँ भी आ मेरी आँख में…

kabhi yun bhi aa meri aankh

कभी यूँ भी आ मेरी आँख में कि मेरी नज़र को ख़बर न हो मुझे एक रात नवाज़

लाख रहे शहरों में फिर भी अन्दर से देहाती थे

laakh rahe shaharon me fir bhi

लाख रहे शहरों में फिर भी अन्दर से देहाती थे दिल के अच्छे लोग थे लेकिन थोड़े से