अगरचे सब यहाँ सस्ता पड़ेगा
अगरचे सब यहाँ सस्ता पड़ेगा तुम्हें बस इश्क़ ही महँगा पड़ेगा, मुसव्विर से उलझने की सज़ा है हमें
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अगरचे सब यहाँ सस्ता पड़ेगा तुम्हें बस इश्क़ ही महँगा पड़ेगा, मुसव्विर से उलझने की सज़ा है हमें
छोड़ कर ऐसे गया है छोड़ने वाला मुझे दोस्तो उस ने कहीं का भी नहीं छोड़ा मुझे, बोल
अगर जो प्यार ख़ता है तो कोई बात नहीं क़ज़ा ही उस की सज़ा है तो कोई बात
झूठ का बोलना आसान नहीं होता है दिल तेरे बाद परेशान नहीं होता है, सब तेरे बाद यही
न होता दहर से जो बेनियाज़ क्या करता खुला था मुझ पे कुछ ऐसा ही राज़ क्या करता
तेशा ब दस्त आ मेरे आज़र तराश दे बेडोल है बहुत मेरा पैकर तराश दे, गर क़ुमरियों के
शहर मेरा हुजरा ए आफ़ात है सर पे सूरज और घर में रात है, सुर्ख़ थे चेहरे बदन
उठाओ संग कि हम में सनक बहुत है अभी हमारे गर्म लहू में नमक बहुत है अभी, उतर
अब ज़र्द लिबादे भी नहीं ख़ुश्क शजर पर जिस सम्त नज़र उठती है बे रंग है मंज़र, उतरे
मैं सोचता तो हूँ लेकिन ये बात किस से कहूँ वो आइने में जो उतरे तो मैं सँवर