ख़्वाहिशों का इम्तिहाँ होने तो दो

khwahisho ka imtihan hone to do

ख़्वाहिशों का इम्तिहाँ होने तो दो फ़ासले कुछ दरमियाँ होने तो दो, मय कशी भी बा वज़ू होगी

क्यों वो मेरा मरकज़ ए अफ़्कार था ?

kyo wo mera markaz e afqaar tha

क्यों वो मेरा मरकज़ ए अफ़्कार था ? जिस के होने से मुझे इंकार था, यूँ तो मुश्किल

या रब मेरी हयात से ग़म का असर न जाए

yaa rab meri hayat se gam ka asar na jaaye

या रब मेरी हयात से ग़म का असर न जाए जब तक किसी की ज़ुल्फ़ ए परेशाँ सँवर

मुझे प्यार से तेरा देखना मुझे छुप छुपा के वो देखना

mujhe pyar se tera dekhna mujhe chhup chhupa ke wo dekhna

मुझे प्यार से तेरा देखना मुझे छुप छुपा के वो देखना मेरा सोया जज़्बा उभारना तुम्हें याद हो

ये ऐश ओ तरब के मतवाले बेकार की बातें करते हैं

ye aish o tarab ke matwaale bekaar ki baaten karte hain

ये ऐश ओ तरब के मतवाले बेकार की बातें करते हैं पायल के ग़मों का इल्म नहीं झंकार

निगाह ए नाज़ का एक वार कर के छोड़ दिया

nigaah e naaz ka ek waar kar ke chhod diya

निगाह ए नाज़ का एक वार कर के छोड़ दिया दिल ए हरीफ़ को बेदार कर के छोड़

आँखों से दूर सुब्ह के तारे चले गए

aankhon se door subah ke taare chale gaye

आँखों से दूर सुब्ह के तारे चले गए नींद आ गई तो ग़म के नज़ारे चले गए, दिल

तक़दीर की गर्दिश क्या कम थी इस पर ये क़यामत कर बैठे

taqdeer ki gardish kya kam thi is par ye qayamat kar baithe

तक़दीर की गर्दिश क्या कम थी इस पर ये क़यामत कर बैठे बेताबी ए दिल जब हद से

दुनिया की रिवायात से बेगाना नहीं हूँ

duniya ki riwayat se begaan nahi hoon

दुनिया की रिवायात से बेगाना नहीं हूँ छेड़ो न मुझे मैं कोई दीवाना नहीं हूँ, इस कसरत ए

मुझे दुनिया वालो शराबी न समझो

mujhe duniya walo sharabi na samjho

मुझे दुनिया वालो शराबी न समझो मैं पीता नहीं हूँ पिलाई गई है जहाँ बेख़ुदी में क़दम लड़खड़ाए