हमें कोई गम न था, गम ए आशिकी से पहले

हमें कोई गम न था

हमें कोई गम न था, गम ए आशिकी से पहले न थी दुश्मनी किसी से, तेरी दोस्ती से

जाने क्यूँ आजकल तुम्हारी कमी अखरती है बहुत

jaane kyun aajkal

जाने क्यूँ आजकल तुम्हारी कमी अखरती है बहुत यादो के बंद कमरे में ज़िन्दगी सिसकती है बहुत, पनपने

ये सोचा नहीं है कि किधर जाएँगे…

ye socha nahi hai ki kidhar jayenge

ये सोचा नहीं है कि किधर जाएँगे मगर हम अब यहाँ से गुज़र जाएँगे, इसी खौफ़ से रातों

भीतर भीतर आग भरी है बाहर बाहर पानी है

भीतर भीतर आग भरी

भीतर भीतर आग भरी है बाहर बाहर पानी है तेरी मेरी, मेरी तेरी सब की यही कहानी है,

कुछ चलेगा ज़नाब, कुछ भी नहीं…

Bazmeshayari_512X512

कुछ चलेगा ज़नाब, कुछ भी नहीं चाय, कॉफ़ी, शराब, कुछ भी नहीं, चुप रहे तो कली लगे वो

हर रिश्ता यहाँ बस चार दिन की कहानी है

har rishta yahan bas chaar din ki kahani hai

हर रिश्ता यहाँ बस चार दिन की कहानी है अंज़ाम ए वफ़ा आँखों से बहता हुआ पानी है,

जी चाहे तो शीशा बन जा, जी चाहे पैमाना बन जा

Bazmeshayari_512X512

जी चाहे तो शीशा बन जा, जी चाहे पैमाना बन जा शीशा पैमाना क्या बनना ? मय बन

घने बादलो से जो कभी थोड़ी धूप निकलती रहती

shaam se aaj saans bhari hai

घने बादलो से जो कभी थोड़ी धूप निकलती रहती आसरे उम्मीद के मुमकिन है ज़िन्दगी चलती रहती, हुस्न

क्या करेंगे आप मेरे दिल का मंज़र देख कर

zahar ke ghoont bhi hans hans ke piye jate hai

क्या करेंगे आप मेरे दिल का मंज़र देख कर ख़ामखा हैरान होंगे एक समन्दर देख कर, ये अमीरों

हमने सुना था फ़रिश्ते जान लेते है…

hamne suna tha farishte jaan lete hai

हमने सुना था फ़रिश्ते जान लेते है खैर छोड़ो ! अब तो इन्सान लेते है, इश्क़ ने ऐसी