ना मस्ज़िदे ना शिवाले तलाश करते है…

naa-maszide-naa-shiwale

ना मस्ज़िदे ना शिवाले तलाश करते है ये भूखे पेट निवाले तलाश करते है, हमारी सादा दिली देखो

तुम्हारे हिज़्र में है ज़िन्दगी दुश्वार….

tumhare-hizr-me-hai

तुम्हारे हिज़्र में है ज़िन्दगी दुश्वार बरसो से तुम्हे मालूम क्या तुम हो समन्दर पार बरसों से, चले

राहत ए जाँ से तो ये दिल का वबाल…

rahat-e-jaan-se-to

राहत ए जाँ से तो ये दिल का वबाल अच्छा है उस ने पूछा तो है इतना तेरा

किस ओर ये सफ़र है, संभल जाइए…

किस ओर ये सफ़र है

किस ओर ये सफ़र है, संभल जाइए कौन कब किस डगर है, संभल जाइए, नेक रस्ते पे चलते

तसव्वुर में भी जिसकी जुस्तुजू करता है…

tasavvur-me-bhi-jiski

तसव्वुर में भी जिसकी जुस्तुजू करता है दिल मेरा उसी से हिज्र में भी गुफ़्तुगू करता है दिल

हासिल हुई जब से आरज़ी शोहरते…

हासिल हुई जब से

हासिल हुई जब से आरज़ी शोहरते माल ओ ज़र के नशे में चूर हो गया, पा के ऊँचा

रोज़मर्रा वही एक ख़बर देखिए…

रोज़मर्रा वही एक ख़बर

रोज़मर्रा वही एक ख़बर देखिए अब तो पत्थर हुआ काँचघर देखिए, सड़के चलने लगी आदमी रुक गया हो

एक निहत्थे आदमी के हाथ में क़िस्मत…

एक निहत्थे आदमी के

एक निहत्थे आदमी के हाथ में क़िस्मत ही काफी है हवाओं का रुख बदलने के लिए चाहत ही

आदमी केवल वहम में तानता है…

आदमी केवल वहम में

आदमी केवल वहम में तानता है शर्तियाँ औकात वो अपनी जानता है, रहनुमाई झूठ की कर ले मगर

क़ुदरत का करिश्मा भी क्या बेमिसाल है

क़ुदरत का करिश्मा भी

क़ुदरत का करिश्मा भी क्या बेमिसाल है चेहरे सफ़ेद काले पर खून सबका लाल है, हिन्दू है यहाँ